ज़ोजिला टनल ने रचा इतिहास: कश्मीर-लद्दाख कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार admin, June 10, 2026June 10, 2026 श्रीनगर/लेह। भारत की सामरिक और अवसंरचनात्मक क्षमता को नई ऊंचाई देते हुए ज़ोजिला टनल परियोजना ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अंतिम ब्रेकथ्रू (Final Breakthrough) सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जिससे कश्मीर और लद्दाख को वर्षभर जोड़ने का सपना अब वास्तविकता के और करीब पहुंच गया है। लगभग 14.15 किलोमीटर लंबी ज़ोजिला टनल दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब द्विदिश सड़क सुरंगों में शामिल है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने कठिन पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता का एक और उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्षों से मौसम और बर्फबारी के कारण प्रभावित रहने वाला कश्मीर-लद्दाख मार्ग अब भविष्य में अधिक सुरक्षित और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। टनल के शुरू होने के बाद श्रीनगर, कारगिल और लेह के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, वहीं पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति प्राप्त होगी। लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्र तक वर्षभर पहुंच सुनिश्चित होने से क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना और आवश्यक सामग्री की आवाजाही अधिक तेज और सुगम हो सकेगी। यही कारण है कि ज़ोजिला टनल को भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाओं में गिना जा रहा है। अंतिम ब्रेकथ्रू के साथ अब परियोजना के शेष निर्माण और तकनीकी कार्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी लाई जाएगी। यह उपलब्धि न केवल जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। Checkout attractions from Jammu and Kashmir Transport & Connectivity Border ConnectivityIndian EngineeringKashmir NewsMountain InfrastructureNarendra ModiNational DevelopmentNew IndiaRoad TunnelStrategic InfrastructureZojila Tunnelकश्मीर लद्दाखजम्मू कश्मीरज़ोजिला टनलभारत इंफ्रास्ट्रक्चरलद्दाख