सीकर। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल हर्ष पर्वत को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य सरकार और संबंधित विभागों की योजना के तहत यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
हर्ष पर्वत अपनी प्राकृतिक हरियाली, मनोहारी घाटियों और ऐतिहासिक हर्षनाथ मंदिर के कारण लंबे समय से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आकर्षण रहा है। प्रस्तावित विकास कार्यों में पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, बेहतर पहुंच मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, विश्राम स्थल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इको-टूरिज्म के रूप में विकसित होने के बाद हर्ष पर्वत न केवल धार्मिक पर्यटन बल्कि प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकिंग और एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय रोजगार, होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन विभाग का उद्देश्य विकास कार्यों के दौरान प्राकृतिक पर्यावरण और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत का आनंद ले सकें।
