राजसमंद। अरावली की हरी-भरी वादियों के बीच स्थित गोरमघाट में स्वतंत्रता दिवस का जश्न प्रकृति और रोमांच के बीच मनाया गया। बारिश के मौसम में झरनों के बहने से पूरा क्षेत्र बेहद खूबसूरत नजर आया और बड़ी संख्या में लोग यहां प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने पहुंचे।
गोरमघाट को मेवाड़ का कश्मीर भी कहा जाता है। मानसून के दौरान यहां पहाड़ियों से गिरते झरने, चारों ओर फैली हरियाली और जंगल का प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है। तस्वीरों में भी झरनों के बीच लोगों का उत्साह और आजादी के जश्न का रोमांच साफ नजर आया।
झरनों के बीच दिखा उत्साह
बारिश के बाद गोरमघाट के कई झरने पूरे वेग से बहने लगे हैं। झरनों और पहाड़ियों के बीच पहुंचे लोगों ने प्रकृति का आनंद लेने के साथ स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभक्ति का उत्साह भी दिखाया।
क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता मानसून में अपने चरम पर होती है। यही वजह है कि राजसमंद और आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज से भी पर्यटक गोरमघाट की ओर आकर्षित होते हैं।
रेल यात्रा से भी पहुंच सकते हैं गोरमघाट
गोरमघाट क्षेत्र की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए रेल यात्रा भी खास आकर्षण है। अरावली की पहाड़ियों के बीच से गुजरती रेल लाइन और आसपास के हरे-भरे दृश्य यात्रियों को अलग अनुभव देते हैं।
हालांकि बारिश के मौसम में झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों में जाते समय सावधानी जरूरी है। तेज बहाव वाले पानी में उतरने से बचना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
पर्यटन के लिए खास पहचान
गोरमघाट राजसमंद जिले और मेवाड़ क्षेत्र के प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है। मानसून के दौरान यहां की हरियाली, झरने और पहाड़ी दृश्य इसे प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए खास बनाते हैं।
प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ इस क्षेत्र के पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण भी बेहद जरूरी है, ताकि गोरमघाट की प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय तक बरकरार रह सके।
और देखिए: भारत पर्यटन डायरेक्टरी
