बीकानेर। शहर के ऐतिहासिक जूनागढ़ किले में बारहमासा गणगौर का भव्य आयोजन हुआ, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह आयोजन 34 दिवसीय गणगौर पूजन उत्सव के अंतर्गत संपन्न हुआ।
परंपरा के अनुसार सजी-धजी गणगौर प्रतिमाएं गाजे-बाजे के साथ किले में पहुंचीं। यहां पूर्व राजपरिवार की ओर से श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और विभिन्न धार्मिक रस्में निभाई गईं।
🌸 परंपरा और आस्था का संगम
इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गणगौर पूजन किया। उन्होंने पानी पिलाने, खील भरने और गणगौर नृत्य जैसी रस्मों को निभाया, जो इस उत्सव की विशेष पहचान हैं।
🎭 400 से अधिक प्रतिमाएं पहुंचीं
मेले में करीब 400 से अधिक गणगौर प्रतिमाएं पहुंचीं, जिससे पूरा परिसर रंग-बिरंगे दृश्य से भर गया। श्रद्धालुओं ने गणगौर माता से सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
🙏 मनोकामनाओं के लिए विशेष अनुष्ठान
महिलाओं ने गणगौर प्रतिमा के कान में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं, जो इस उत्सव की एक खास परंपरा मानी जाती है।
🌟 सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
बारहमासा गणगौर उत्सव राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है, जो हर साल बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
