गुजरात। बेट द्वारका के बालापर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक प्राचीन हनुमान मंदिर मिलने का मामला सामने आया है। यह मंदिर लंबे समय से घने जंगल और झाड़ियों के बीच दबा हुआ था, जो अब फिर से सामने आया है।
स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे डिमोलिशन अभियान के दौरान इस मंदिर के अवशेष दिखाई दिए। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू की।
🛕 ऐतिहासिक महत्व
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मंदिर करीब 100 से 125 वर्ष पुराना बताया जा रहा है और इसकी संरचना में नेपाली शैली की झलक दिखाई देती है। हालांकि कुछ स्थानीय लोग इसे इससे भी अधिक प्राचीन मानते हैं।
🔍 वर्षों बाद सामने आया मंदिर
बताया जा रहा है कि यह मंदिर कई दशकों से उपेक्षित और झाड़ियों में छिपा हुआ था। समय के साथ यहां अतिक्रमण भी हो गया था, जिसके कारण यह पूरी तरह नजरों से ओझल हो गया था।
🙏 पुनः स्थापना और पूजा शुरू
मंदिर के मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इसे संरक्षित करने के कदम उठाए हैं। हनुमान जयंती के अवसर पर यहां पूजा-अर्चना शुरू कर मंदिर को “बाला हनुमान मंदिर” के रूप में पुनः स्थापित किया गया।
🌄 धार्मिक और पर्यटन महत्व
इस खोज के बाद यह स्थान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन सकता है। इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
