प्रयागराज संगम पर सरस्वती नदी के वैज्ञानिक प्रमाण मिले, भूगर्भ में 10–15 मीटर नीचे मिली प्राचीन धारा admin, May 17, 2026May 17, 2026 प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी संगम को लेकर सदियों से चली आ रही आस्था को अब वैज्ञानिक आधार मिलने का दावा किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार गंगा और यमुना नदियों के बीच जमीन के लगभग 10 से 15 मीटर नीचे एक प्राचीन नदी की धारा के स्पष्ट संकेत मिले हैं, जिसे कई लोग सरस्वती नदी से जोड़कर देख रहे हैं। हैदराबाद स्थित CSIR–National Geophysical Research Institute (एनजीआरआई) के वैज्ञानिकों ने एरियल सर्वे, भू-भौतिकीय परीक्षण और ड्रिलिंग के माध्यम से यह अध्ययन किया। शोध दल के अनुसार भूमिगत मिली यह प्राचीन धारा आकार, चौड़ाई और भू-संरचना के आधार पर एक बड़ी नदी के अस्तित्व की ओर संकेत करती है। प्रयागराज का त्रिवेणी संगम हिंदू मान्यता में Triveni Sangam के रूप में प्रसिद्ध है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलन की मान्यता है। इस अध्ययन ने इस पारंपरिक विश्वास को नई चर्चा के केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस खोज से भारतीय भूगोल, पुरातत्व और सांस्कृतिक इतिहास के अध्ययन को नई दिशा मिल सकती है। हालांकि सरस्वती नदी की पहचान को लेकर आगे और विस्तृत अनुसंधान की आवश्यकता बनी रहेगी। धार्मिक दृष्टि से यह समाचार श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जबकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह भारत की प्राचीन नदी प्रणालियों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। Know more about Prayagraj, Uttar Pradesh Heritage & Culture Ancient River DiscoveryCSIRNGRIगंगा यमुना सरस्वतीत्रिवेणी संगमप्रयागराजभारतीय विरासतवैज्ञानिक शोधसरस्वती नदी