मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: भोजशाला को माना वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर admin, May 17, 2026 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर एक महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया है। 242 पृष्ठों के विस्तृत निर्णय में अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट, ऐतिहासिक दस्तावेजों और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर भोजशाला को देवी वाग्देवी (मां सरस्वती) का मंदिर माना है। यह विवाद कई दशकों से न्यायालय में लंबित था। अदालत ने कहा कि प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद यहां सदियों से हिंदू पूजा की परंपरा जारी रही है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसर के संरक्षण, सुरक्षा और धार्मिक गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पास रहेगी। भोजशाला को विद्या और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल माना जाता है। यह निर्णय हिंदू समाज के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इस मामले में मुस्लिम पक्ष और जैन पक्ष द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील किए जाने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद हाईकोर्ट का यह फैसला देशभर में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। धार स्थित भोजशाला भारत की प्राचीन स्थापत्य कला, इतिहास और आध्यात्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां देशभर से श्रद्धालु और इतिहास प्रेमी पहुंचते हैं। Visit Bhojshala details on attraction page Heritage & Culture ASI SurveyBhojshala CaseHeritage NewsHigh Court VerdictIndian Heritageधार मध्यप्रदेशभोजशालामां सरस्वतीवाग्देवी मंदिर