भोजशाला में मां वाग्देवी की स्थापना, श्रद्धा और उल्लास से गूंज उठा पूरा परिसर admin, May 18, 2026May 18, 2026 मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी (मां सरस्वती) की प्रतीकात्मक स्थापना के साथ श्रद्धा, आस्था और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय के बाद रविवार को भोजशाला परिसर में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री Savitri Thakur ने परिसर में पहुंचकर भगवा ध्वज फहराया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में शंखनाद, ढोल-नगाड़ों और जयघोष की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं की आंखों में भावुकता थी और कई लोग हाथ जोड़कर मां वाग्देवी के चरणों में नतमस्तक हुए। भजन-कीर्तन, आरती और पूजा के बीच वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। भोजशाला, जिसे विद्या और संस्कृति की प्राचीन धरोहर माना जाता है, लंबे समय से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है। मां वाग्देवी की स्थापना को अनेक लोगों ने वर्षों पुरानी श्रद्धा और सांस्कृतिक आकांक्षा की पूर्ति के रूप में देखा। पूरे परिसर में फूलों की सुगंध, भक्ति गीतों की धुन और श्रद्धालुओं के जयकारों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह अवसर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सनातन आस्था के पुनर्स्मरण का प्रतीक बन गया। श्रद्धालुओं ने मां वाग्देवी से ज्ञान, शांति और समृद्धि की कामना की। [AI Image] Also read about Bhojshala Verdict Heritage & Culture BhojshalaHindu HeritageMadhya Pradeshsanatan dharmaVagdevi Templeधारभोजशालामां वाग्देवीमां सरस्वती