पर्यटकों को खींच रही कॉफी की खुशबू, आंध्र प्रदेश में खेती से पर्यटन तक नया मॉडल admin, September 28, 2026September 28, 2026 आंध्र प्रदेश के अरकु घाटी क्षेत्र में कॉफी अब केवल खेती और उत्पादन तक सीमित नहीं रह गई है। कॉफी के बागानों की खुशबू और हरियाली पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है। पहाड़ियों के बीच कॉफी के पौधों के बीच घूमना, आदिवासी जीवनशैली को करीब से देखना और स्थानीय स्वाद व संस्कृति का अनुभव करना पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन रहा है। इसी को देखते हुए कॉफी पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कॉफी बोर्ड और स्थानीय स्तर पर विकसित की जा रही सुविधाओं से अरकु घाटी में कृषि और पर्यटन को जोड़ने का मॉडल सामने आ रहा है। पांच दशक में बढ़ा कॉफी उत्पादन रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश में वर्ष 1976 में करीब 4,000 हेक्टेयर से शुरू हुआ कॉफी उत्पादन अब बढ़कर लगभग 15,000 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। उत्पादन भी करीब 250 मीट्रिक टन से बढ़कर 15,000 मीट्रिक टन तक पहुंचने की जानकारी दी गई है। इस विस्तार ने क्षेत्र में कॉफी आधारित आर्थिक गतिविधियों के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाया है। कॉफी के साथ फल-मसाले और औषधीय पौधे कॉफी बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक कॉफी बागानों में फलदार पौधों, मसालों तथा औषधीय और सुगंधित पौधों को भी शामिल किया जा रहा है। इससे किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने का प्रयास है। कॉफी बोर्ड की योजना के तहत कॉफी के अवशेषों से कम्पोस्ट तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्पादकों की संख्या बढ़ाकर प्रति हेक्टेयर करीब 160 से 300 पौधे करने की योजना पर भी काम हो रहा है। कॉफी के साथ आदिवासी संस्कृति का अनुभव अरकु घाटी में आने वाले पर्यटकों के लिए कॉफी बागान केवल प्राकृतिक दृश्य देखने की जगह नहीं हैं। यहां पर्यटक आदिवासी जीवनशैली, स्थानीय खान-पान और क्षेत्र की संस्कृति को भी करीब से अनुभव कर सकते हैं। कॉफी बागानों तक पर्यटकों की पहुंच बढ़ने से स्थानीय समुदाय के लिए पर्यटन से जुड़े रोजगार और आय के नए अवसर भी बन सकते हैं। स्थानीय ब्रांड को बढ़ावा देने पर जोर स्थानीय स्तर पर वैल्यू एडिशन के लिए कम्युनिटी कॉफी एंड क्वालिटी सेंटर, रोस्टिंग-ग्राइंडिंग यूनिट और बेकरी यूनिट जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना है। युवाओं और महिलाओं को रोस्टिंग, क्वालिटी कॉफी और इससे जुड़े कौशल का प्रशिक्षण देने की भी बात सामने आई है। किसानों को बाजार और ब्रांड उपलब्ध कराने से उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि और पर्यटन का नया मॉडल अरकु घाटी में कॉफी उत्पादन और पर्यटन को जोड़ने का यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यटकों को अलग तरह का अनुभव दे सकता है। पहाड़ी वातावरण, कॉफी के बागान, स्थानीय संस्कृति और स्थानीय उत्पाद मिलकर इस क्षेत्र को कृषि-पर्यटन के एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद कर सकते हैं। Check more details for Araku Valley on myDharm.com Uncategorized Agri TourismAndhra PradeshAndhra Pradesh TourismAraku CoffeeAraku ValleyCoffee FarmingCoffee PlantationCoffee TourismTribal Tourismअरकु कॉफीअरकु घाटीआदिवासी पर्यटनआंध्र प्रदेशआंध्र प्रदेश पर्यटनकृषि पर्यटनकॉफी खेतीकॉफी पर्यटनकॉफी बागानग्रामीण पर्यटनभारत पर्यटन